अतीत के बंधन, भविष्य का सफ़र

Drama 21 to 35 years old 2000 to 5000 words Hindi

Story Content

दिल्ली की गर्मी रियो को हमेशा परेशान करती थी। सोलह साल का, बेचैन और खोया हुआ महसूस करने वाला, रियो हर शाम पुरानी दिल्ली की तंग गलियों में भटकता, शायद अपने जीवन का मतलब ढूँढता। उसका एक गहरा राज़ था: उसे एक अलग दुनिया के सपने आते थे, एक ऐसी isekai दुनिया जो जीवंत और रोमांचक थी, जो इस बेजान दुनिया से बिलकुल अलग थी जिसमें वो फंसा हुआ महसूस करता था।
एक रात, जब वो लाल किले के सामने अकेला बैठा था, उसे एक अजीब सी अनुभूति हुई। दुनिया घूमने लगी, रंग तीखे हो गए, और हवा में एक अलग सी गंध भर गई। अगले पल, रियो ने खुद को एक अज्ञात जंगल में पाया। पेड़ों के पत्ते अजीब आकार के थे, फूल असामान्य रंगों के थे, और हवा में एक रहस्यमयी संगीत तैर रहा था।
वो जगह isekai जैसी थी जो उसने सपनों में देखी थी, पर हकीकत बहुत डरावनी थी। वो बिलकुल अकेला था। उसका नाम रियो था, कम से कम उसे इतना तो याद था।
घंटों भटकने के बाद, उसे एक छोटी सी बस्ती मिली। लोग उसे अजीब नज़रों से देख रहे थे। उनकी भाषा अलग थी, लेकिन उनकी आंखों में एक करुणा थी जो रियो को समझ आ रही थी। एक बूढ़ी औरत, जिसका नाम माया था, आगे आई और रियो को अपने घर ले गई।
माया ने रियो को समझाया कि वो 'अज़ुरे' नामक एक राज्य में है, एक ऐसा राज्य जो सदियों से शापित है। माया की कहानी में एक युवती का ज़िक्र था, रिया, जिसके कारण ये श्राप पड़ा था। रिया की मृत्यु से राज्य की सुरक्षा खतरे में थी, अब लोग खुद को उस रहस्य्मय श्राप से बचाने के लिए परेशान थे।
जैसे-जैसे रियो अज़ुरे में रहने लगा, उसने रिया के बारे में और जाना। लोगों का मानना था कि रिया बहुत सुंदर और दयालु थी, पर उसकी सुंदरता ही उसके दुर्भाग्य का कारण बनी। एक दुष्ट जादूगर उसकी सुंदरता से मोहित हो गया था, और जब रिया ने उसकी इच्छाओं को ठुकरा दिया, तो उसने पूरे राज्य पर श्राप दे दिया। रिया रियो को एक दफन रहस्य जैसी लगती थी।
धीरे-धीरे, रियो को रिया की याद आने लगी। उसने खुद को उससे जुड़ा हुआ महसूस किया। माया ने उसे बताया कि रिया की आत्मा अभी भी अज़ुरे में भटक रही है, हमेशा राज्य की रक्षा करने की कोशिश कर रही है। माया उसे यह भी बताती है कि वो अक्सर उसे 'अपना नायक' कहती थी, वो बताती थी कि कोई आयेगा जो उसे और उसके श्रापित राज्य को मुक्त करवाएगा।
रियो को अहसास हुआ कि ये सिर्फ एक संयोग नहीं था कि उसे अज़ुरे में लाया गया था। उसे एक उद्देश्य के लिए चुना गया था। उसे रिया की आत्मा को शांत करना था, और अज़ुरे को श्राप से मुक्त करना था। रियो ये जानने के लिए उत्सुक था की रिया, जो अब इस दुनिया में नहीं थी, उसने उसे अपना नायक क्यों समझा।
उसने माया की मदद से जादू का अध्ययन करना शुरू किया, और रिया के बारे में और जानकारी इकट्ठा करना शुरू कर दिया। उसे पता चला कि रिया का एक लॉकेट है, जो उसकी शक्ति का स्रोत था। दुष्ट जादूगर ने रिया की मौत के बाद लॉकेट को चुरा लिया था, और उसे एक गुप्त स्थान पर छुपा दिया था।
रियो ने रिया के लॉकेट को खोजने का फैसला किया। उसने अज़ुरे के खतरनाक जंगलों और पहाड़ों में यात्रा की, कई मुश्किलों का सामना किया, पर वो हार मानने को तैयार नहीं था। उसकी राह में दुष्ट जादूगर के शापित प्राणी खड़े थे, जो रिया के रक्षक माने जाते थे।
अपनी यात्रा में, रियो को कई नए दोस्त मिले, जिन्होंने उसकी मदद की। उनमें से एक थी लीला, एक कुशल योद्धा जो अज़ुरे की रक्षा करना चाहती थी। दूसरा था कबीर, एक बुद्धिमान ऋषि जो रिया के इतिहास के बारे में बहुत कुछ जानता था।
लीला और कबीर के साथ, रियो ने दुष्ट जादूगर के गुप्त ठिकाने को ढूंढ निकाला। एक भयंकर युद्ध हुआ, जिसमें रियो ने अपनी सारी शक्ति और जादू का इस्तेमाल किया। आखिरकार, उसने दुष्ट जादूगर को हरा दिया, और रिया का लॉकेट हासिल कर लिया।
लॉकेट को पाकर, रियो रिया की आत्मा से संपर्क करने में सक्षम था। रिया ने उसे बताया कि श्राप को तोड़ने का एकमात्र तरीका ये है कि वो खुद अपनी जान दे दे। रिया का मानना था कि रियो एक हीरो की तरह आया था, एक हीरो की तरह जाएगा और अज़ुरे का श्राप हमेशा के लिए ख़त्म कर देगा।
रिया का प्रस्ताव सुनकर, रियो को सदमा लगा। वो समझ नहीं पा रहा था कि उसने जो चाहा उसे पूरा करके, अपनी ही जान कैसे दे सकता है। रिया ने उसे समझाया कि रियो उस दुनिया का है जिसे वह पसंद करता है, लेकिन उसकी अपनी दुनिया ख़तरे में थी, अब एक को चुनने की बारी उसकी थी। रिया चाहती थी की रियो अपने वचनों का पालन करे।
रियो जानता था कि रिया सही कह रही है। उसने अज़ुरे को श्राप से मुक्त करने, और रिया की आत्मा को शांत करने का फैसला किया। उसने लॉकेट को उठाया, और अपनी सारी शक्ति को उसमें डाल दिया। एक तेज रोशनी फैली, और अज़ुरे श्राप से मुक्त हो गया।
लेकिन रिया से किया अपना वादा निभाते हुए, रियो गिर गया। वो अब नहीं रहा था। लीला और कबीर ने रियो के बलिदान पर शोक व्यक्त किया।
अगले दिन, रियो वापस दिल्ली में था, लाल किले के सामने बैठा हुआ। उसे लग रहा था जैसे वो एक सपना देख रहा था, पर उसे रिया और अज़ुरे के बारे में सब कुछ याद था। रियो अब 16 का नहीं रहा था। उसने अज़ुरे की समस्याओं का समाधान कर दिया था और अब उसे अपनी ज़िंदगी को अपनी मर्ज़ी से जीने के लिए अपनी शक्ति का इस्तेमाल करना था।
उसने अज़ुरे से एक बात सीखी थी: कि जीवन का मतलब सिर्फ अपनी इच्छाओं को पूरा करना नहीं है, बल्कि दूसरों की मदद करना भी है। अब, रियो को पता चल गया था कि उसे अपनी बाकी की ज़िन्दगी क्या करने के लिए समर्पित करनी है, यानी, दूसरों की मदद करना और दिल्ली में रहते हुए जितना हो सके उतना आनंद लेना। उसने अतीत में जो कुछ भी किया उसे कभी नहीं भुला और अतीत की ज़रूरतों को कभी नज़रअंदाज़ नहीं किया। वो ज़िंदगी भर, हमेशा की लिए अपने वचनों को याद रखेगा।
रियो जानता था की isekai में जाने का कारण हमेशा रहस्य बना रहेगा पर उसे जो सीख मिली, उसके लिए वो हमेशा isekai का आभारी रहेगा। उसने अंत में अपने जीवन का उद्देश्य ढूँढ लिया था।